कविता

भारत माँ का तनिक भी

होगा ना नुक़सान

सरहद पर फ़ौजी डँटे,

चौडी छाती तान।

भारत माँ के पूत हैं,

लाल, बाल औ पाल।

सभी करें यश गान मिल,

दे कर सौ-सौ ताल।