फाग गीत

फागुन आयो रे

मोहे पिया संग भायो रे

फागुन आयो रे

फागुन आयो रे

हिया ज़ोर लगायो रे

फागुन आयो रे

फागुन आयो रे

उन्हें पास बुलायो रे

फागुन आयो रे

पनिया भरन गई

नदियाँ किनारे(2)

संईयाँ मोसे लिपट

रंग लगायो रे

फागुन आयो रे

मोरी कोरी चुनर

लाल रंगायो रे

फागुन आयो रे

मोरा भोला मन

हिलोरे खायो रे

फागुन आयो रे

Ghazal

Boy-

जाते हो ये बता दो

किस नाम पुकारूँ

हक़ जो दे दो मुझको

मैं चाँद पुकारूँ

सच्चा हूँ मैं आशिक

दिल थाम पुकारूँ

खिलती सी सुबह से

फिर शाम पुकारूँ

Girl-

तुमको मैं भी जाना

किस काम पुकारूँ

उलफत में जीता

नाकाम पुकारूँ

राधा मैं हूँ तुमको

क्या श्याम पुकारूँ

खिलती सी सुबह से

फिर शाम पुकारूँ

Boy-

जाते हो ये बता दो

किस नाम पुकारूँ

हक़ जो दे दो मुझको

मैं चाँद पुकारूँ

सच्चा हूँ मैं आशिक

दिल थाम पुकारूँ

खिलती सी सुबह से

फिर शाम पुकारूँ

Girl-

तुमको मैं भी जाना

किस काम पुकारूँ

उलफत में जीता

नाकाम पुकारूँ

राधा मैं हूँ तुमको

क्या श्याम पुकारूँ

खिलती सी सुबह से

फिर शाम पुकारूँ